Wednesday, 24 December 2014

Kishan Sarvpriya: 70% का दुःख

Kishan Sarvpriya: 70% का दुःख:  बादलों को देखा तो सपने हजारों थे, खेत को देखा तो  गम हजारों थे, नेता को देखा तो वादे हजारों थे,  बैंक को देखा तो  कर्ज हज़ा...

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