Wednesday, 24 December 2014
Kishan Sarvpriya: तिरंगा ऊँचा
Kishan Sarvpriya: तिरंगा ऊँचा: अल्लाह के बन्दे , अंधे हैं हम। रोजाना चोरी, करते हैं हम। छोटी-छोटी बातों पे, झगड़ते हैं हम। खास पड़ौसी से, लड़ते हैं हम।।...
Kishan Sarvpriya: मैं सिग्नल कहलाता हूँ
Kishan Sarvpriya: मैं सिग्नल कहलाता हूँ: मैं पटरी पर रहता हूँ और हमेशा रहता हूँ दशकों से खड़ा हूँ और सजग अडा हूँ। किसी को लाल, किसी को पीला, तो किसी को हरा रंग ...
Kishan Sarvpriya: 70% का दुःख
Kishan Sarvpriya: 70% का दुःख: बादलों को देखा तो सपने हजारों थे, खेत को देखा तो गम हजारों थे, नेता को देखा तो वादे हजारों थे, बैंक को देखा तो कर्ज हज़ा...
Kishan Sarvpriya: देखो तमाशा जनता का
Kishan Sarvpriya: देखो तमाशा जनता का: एक दिन आया इलेक्शन का भूत खूब सजा था पोलिंग बूथ जनता लड़ रही थी नेता जीत रहे थे हम तमाशा देख रहे थे। एक दिन आया इल...
Kishan Sarvpriya: चींटी, मच्छर की लड़ाई
Kishan Sarvpriya: चींटी, मच्छर की लड़ाई: चींटी, मच्छर में हुई लड़ाई माननीय जज थे कबीर भाई खूब सारी भीड़ देखने को आई चींटी, मच्छर ने पूरी दम लगाई कभी चींटी ऊपर आई तो ...
Kishan Sarvpriya: चाँदनी रात हो
Kishan Sarvpriya: चाँदनी रात हो: हाथों में हाथ हो सितारों का साथ हो चाँदनी रात हो फिर क्या बात हो। लम्बे काले बाल हों गोरे गोरे गाल हों लिपस्टिक लाल हो म...
Kishan Sarvpriya: आज और कल
Kishan Sarvpriya: आज और कल: आज फूल ने कहा भँवरे से, कब तक मँडराओगे। मुरझाने के बाद, कल तो उड़ जाओगे। । कुंए ने कहा प्यासे से, कब तक बहाओगे। सूखने के ...
Kishan Sarvpriya: अब, फिर कब
Kishan Sarvpriya: अब, फिर कब: पिछली बार 'कांग्रेस' का भ्रस्टाचार, अबकी बार 'मोदी' की सरकार, देखा बार-बार 'आप' का अहंकार, हर बार ...
Kishan Sarvpriya: हम - तुम
Kishan Sarvpriya: हम - तुम: हमने देखा, तुमने देखा हम दोनों ने देखा हम भी देखते रहे, तुम भी देखते रहे हम दोनों देखते रहे हमने कहा, तुमने कहा हम दोनों ने कहा...
Kishan Sarvpriya: दान कर मत दान
Kishan Sarvpriya: दान कर मत दान: मतदान से डरकर जिंदगी पार नहीं होती। संसद वालों की कभी हार नहीं होती।। संसद सदन में कभी न चलती है। घोटालों में सौ बार फिसलती है। युवा...
Kishan Sarvpriya: क्यूँ सोते हैं
Kishan Sarvpriya: क्यूँ सोते हैं: हम पूरी साल सोते हैं। अब फिर क्यों रोते हैं। । हमसे अच्छे तो नेता होते हैं चारा से लेकर, कोयला तक खाते हैं पुल, तालाब गायब भी करते...
Kishan Sarvpriya: बचपन से जवानी
Kishan Sarvpriya: बचपन से जवानी: बचपन में, मैं चलता था, गिरता था फिर चलता था, फ़िर गिरता था कभी न थकता था, कभी न रुकता था। न गिरने का डर था, न लगने का भय न असफलता की...
Kishan Sarvpriya: रिश्तों की चरखी
Kishan Sarvpriya: रिश्तों की चरखी: न जाने जिंदगी में देखे कितने मेले हैं हम कल भी अकेले थे, आज भी अकेले हैं। रिश्तों की चाह में, जिंदगी की राह में जीने की आशा में, अंत ...
Kishan Sarvpriya: मैं इंसान
Kishan Sarvpriya: मैं इंसान: मैं इंसान विना पहचान दुनिया से अंजान निकला हूँ।
Kishan Sarvpriya: मैं तेरा होना चाहता हूँ
Kishan Sarvpriya: मैं तेरा होना चाहता हूँ: मैं तुझसे मिलना चाहता हूँ मैं तुझमें खोना चाहता हूँ मैं तेरा होना चाहता हूँ।
Kishan Sarvpriya: Truth of Dreaming in Darkness
Kishan Sarvpriya: Truth of Dreaming in Darkness: सुबह जब पलकों से नींद उडी, पहली नजर धर्मपत्नी पर पड़ी। हाथ में चाय लिए सामने थी खड़ी। प्राणनाथ जरा चाय पी लीजिए, फिर उठके नहा लीजिए। ...
Kishan Sarvpriya: बेबस भगवान!
Kishan Sarvpriya: बेबस भगवान!: कोई तो तेरी माँ होगी कोई तो तेरी बेटी होगी जिसकी इज्जत चीर-चीर हुई होगी कोई तो रिश्ता होगा, जिसको तूने बनाया होगा। अगर तू रिश्ते बच...
Kishan Sarvpriya: अबला बेचारी
Kishan Sarvpriya: अबला बेचारी: यारों मैं जाग रहा हूँ, तुम सो रहे हो। यारों मैं रो रहा हूँ, तुम हँस रहे हो। आज सीख एक तुमको लेनी होगी ऐसी गलती तुमको न करनी होगी।
Kishan Sarvpriya: जिसने हर पल मुझे रुलाया
Kishan Sarvpriya: जिसने हर पल मुझे रुलाया: क्या करूँ इबादत उसकी, जिसने मुझे बनाया। या करूँ इबादत उसकी, जिसने जीना मुझे सिखाया। पर क्या करूँ मैं तेरा, जिसने हर पल मुझे रुलाया। ...
Kishan Sarvpriya: बचपन की याद
Kishan Sarvpriya: बचपन की याद: मुंह का पहला निबाला जो माँ ने खिलाया कुछ अलग स्वाद आया फिर जो हमने मुंह बनाया आज याद आता है कभी हँसाता है, तो कभी रुलाता ...
Kishan Sarvpriya: तेरी रूश्वाई
Kishan Sarvpriya: तेरी रूश्वाई: तेरी रूश्वाई से तन्हा दिल, अकेला भटकता रहा। जुर्म हमदर्द के, तन्हा सहता रहा। हमसे इतनी बेरुखी किस लिए, दर्द-ए-सितम हमने भी तो सहे। ...
Kishan Sarvpriya: काश, काश न होता
Kishan Sarvpriya: काश, काश न होता: काश, काश न होता । तो मैं, मैं न होता । तू, तू न होता । बस इन्सान, इन्सान होता ।। काश, काश न होता । तो मज़हब, मज़हबी न होता । मन्दिर, मश्जि...
Kishan Sarvpriya: ये जिंदगी
Kishan Sarvpriya: ये जिंदगी: मुझे याद है वो दिन, जब घोड़ी मचल रही थी, दोस्त नाच रहे थे, हम शाही सवारी कर रहे थे। मुझे याद है वो दिन, जब म्यूजिक बज रहा था, ...
Kishan Sarvpriya: तेरी याद
Kishan Sarvpriya: तेरी याद: वो गली का पेड़, जो आज भी झुका नहीं । वो गली का गड्ढा, जो आज भी भरा नहीं। हमें तेरी याद दिलाते हैं। वो घर की छत, जो मेरे सामने थी। ...
Kishan Sarvpriya: बहरी सरकार
Kishan Sarvpriya: बहरी सरकार: कुछ न सहेंगे चुप न रहेंगे सुन ओ बहरी सरकार अब लाल मेरे बोलेंगे निंदिया तेरी तोड़ेंगे सुन ओ बहरी सरकार मेरा क्या नाम तेरा क्या का...
Kishan Sarvpriya: मेरा घर, मेरा
Kishan Sarvpriya: मेरा घर, मेरा:
एक बन्दर था
चंचल नटखट था
उछल कूद किया करता था
शहर के किनारे पेड़ पर रहा करता था
पेड़ की हर डाली,
डाली का हर पत्ता,
उसने खाया था ...
एक बन्दर था
चंचल नटखट था
उछल कूद किया करता था
शहर के किनारे पेड़ पर रहा करता था
पेड़ की हर डाली,
डाली का हर पत्ता,
उसने खाया था ...
Kishan Sarvpriya: जीवन सार (1)
Kishan Sarvpriya: जीवन सार (1): मैं उस मंजिल की ओर निकला। जो बहुत दूर लगती थी। कांटों से भरी लगती थी। आज छोटी लगती है।। मैं उस चाहत को पाने निक...
Kishan Sarvpriya: तेरे लिए
Kishan Sarvpriya: तेरे लिए: खत लिखते लिखते, लिखना सीख गया मैं । तेरा नाम तो याद रहा, अपना भूल गया मैं ।। तेरी बातों पे हँसते हँसते, हँसना सीख गया मैं । ...
Kishan Sarvpriya: इश्क़ का आलम
Kishan Sarvpriya: इश्क़ का आलम: जब तुम जा रहे थे हम मुस्कुरा रहे थे तुम्हारे जाने का गम भुला रहे थे दिल को दारू पिला रहे थे।। दिल-ए-गुलज़ार खिला हुआ था जब साथ उसका ...
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